21.2.17

ऑनलाइन ठगी में जुटी दो अन्य कंपनियां भी बंद

ऑनलाइन ठगी में जुटी दो अन्य कंपनियां भी बंद

नोएडा : सोशल ट्रेड के नाम पर लोगों से फर्जीवाड़ा करने वाली दो और कंपनियों की शिकायत एसटीएफ से हुई है। कंपनी संचालक काम बंद कर भाग गए हैं। अंदेशा है कि दोनों कंपनियों ने हजारों लोगों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है।

पिछले दिनों लाखों लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में एब्लेज इंफो तथा वेबवर्क कंपनी मालिकों की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया ट्रेड से जुड़ी कंपनियों में हड़कंप मचा हुआ है। यही वजह है कि कंपनी मालिक अपना काम बंद कर भाग रहे हैं। एसटीएफ को सेक्टर-3 स्थित वेब4यू कंपनी तथा सेक्टर-63 की 'द ग्रेट इंडिया

एंटरटेनमेंट' कंपनी के खिलाफ भी शिकायत मिली है।

एसटीएफ की जाच से पहले ही दोनों कंपनियों को बंद कर संचालक भाग गए। दोनों कंपनिया ग्राहकों को सोशल मीडिया ट्रेड के नाम पर रुपये लेकर फर्जी काम दे रही थीं। फेडरेशन ऑफ डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने छह कंपनियों की शिकायत डीआइजी मेरठ से की है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि संगठन ने 'मनी सर्कुलेशन' के काम में लगी कंपनियों की शिकायत की है। इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की माग संगठन ने की है।

फिल्म प्रमोशन के नाम पर हो रही थी ठगी : सेक्टर 63 में चल रही ग्रेटर इंडिया एंटरटेनमेंट कंपनी खुद को प्रोडक्शन हाउस से जुड़ा बताती थी। कंपनी ने लोगों से फिल्म प्रमोशन के नाम पर ठगी की। कंपनी रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे लेती थी, फिर फिल्म प्रमोशन करने का ऑनलाइन काम देती थी। जबकि कंपनी के पास फिल्म प्रमोशन का कोई काम ही नहीं था।

बिजनेस प्रमोशन के नाम पर ठगी :

वेब4यू कंपनी बिजनेस प्रमोशन के नाम पर लोगों से ठगी कर रही थी। कंपनी बिजनेस कर रहे लोगों से 2500 रुपये लेते थी। फिर उनके व्यापार से जुड़ी 100 फोटो लेकर उसके प्रमोशन के नाम पर ठगी कर रही थी।

आज होगी रिमांड पर सुनवाई :

वेबवर्क कंपनी के निदेशक अनुराग गर्ग और संदेश वर्मा को रिमांड पर लेने के लिए सोमवार को नोएडा पुलिस ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की। इसपर मंगलवार को सुनवाई होगी। पुलिस ने पांच दिन के रिमांड की मांग की है।

मेरठ का ज्वेलर भी संदेह के घेरे में : 

वेबवर्क कंपनी के संचालन अनुराग गर्ग का मेरठ के एक ज्वेलर से भी संबंध था। पुलिस को सूचना मिली है कि ज्वेलर ने भी उसकी कंपनी में करोड़ों रुपये निवेश किए हैं। हालांकि, अनुराग गर्ग के खिलाफ केस दर्ज होने पर ज्वेलर ने उससे पैसे की मांग की। अनुराग ने एक महंगी ज्वेलरी और करोड़ों के बिटक्वाइन ज्वेलर को दिए। इसकी जांच पुलिस कर रही है।

वेबवर्क मामला निपटाने के लिए तीन करोड़ की डीलींग का स्टिंग :

वेबवर्क कंपनी के संचालक अनुराग गर्ग से केस निपटाने और गिरफ्तारी से बचाने के लिए तीन करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इसमें कंपनी का एक निवेशक और एक खबरिया चैनल की महिला रिपोर्टर शामिल है। इसका स्टिंग भी हुआ है, जिसकी जानकारी नोएडा पुलिस को दी गई है। पुलिस रिमांड पर पूछताछ के दौरान अनुराग गर्ग से विडियो लेकर कार्रवाई करेगी।

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